सोमवार, 2 मार्च 2015

वास्कोडिगामा

पन्द्रहवी सदी के अन्तिम वर्षों में यूरोप मे वहुत
से बदलाव हो रहे थे | उनदिनों लोगों के पास
खाद्य पदार्थो  को सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रिज
रेटर नही थे लोग चीजों को सुखाकर या उस
पर नमक लगाकर प्रिजर्व करते थे | भोजन को
स्वादिष्ट वनाने के लिये यूरोप में लोग मशालो का
प्रयोग करते थे | इन मशालो के लिये वे एशियाइ
देशों पर निर्भर थे | लेकिन कुछ समय बाद ब्या
पारिक भूमार्गों पर तुर्की साम्राज्य का नियंत्रण
हो गया | परिणामस्वरूप स्पेन और पुर्तगाल ने
वास्कोडिगामा के नेत्रित्व में समुद्री रास्ते से वर्ष
1498में भारत की खोज की | इस दौरान भारत
के व्यंजनो मे  भी मशालो का प्रयोग शुरू हुआ |
वास्कोडिगामा के वापस जाने के बाद जब पुर्त
गालिओं ने भारत के साथ ब्यापार शुरू किया
तो विभिन्न मशालों एवं सब्जियों का आदान
प्रदान शुरू हुआ | आलू टमाटर कद्दू काजू मिर्च
पपीता अमरूद अनानास धनिया लालमिर्च
लहसुन व हल्दी जैसे मशाले और सब्जियां
भारत को पुर्तगाल की देन है |

सोमवार, 12 जनवरी 2015

देवरिया राजनैतिक

सात विधान सभा क्षेत्र -
१- रूद्रपुर २- बरहज ३- रामपुर कारखाना
४- देवरिया सदर ५- पथरदेवा ६- सलेमपुर
७- भाटपाररानी है |

तीन संसदीय-
१- देवरिया- * देवरिया * रामपुरकारखाना
                   * पथरदेवा * तमकुही
                       * फाजिलनगर |
२- बासगॉव- * रूद्रपुर * बरहज * बासगॉव
                   * चौरीचौरा * चिल्लूपार
३- सलेमपुर- * सलेमपुर * भाटपार * सिकन्दर
                 पुर * वासडीह * वैरिया |

देवरिया

देवरिया जिले में -
सोलह विकास खण्ड . १-देवरिया सदर
२- गौरीबाजार ३- बैतालपुर ४- देसही देवरिया
५- रामपुर कारखाना ६- पथरदेवा ७- तरकुलवा
८- भटनी ९- भाटपाररानी १०- बनकटा
११- सलेमपुर १२-भागलपुर १३- बरहज
१४- लार १५- भलुवनी १६- रूद्रपुर हैं।

पॉच तहसीलें १- रूद्रपुर २-देवरिया सदर
३- बरहज ४- सलेमपुर ५- भाटपाररानी है |

मंगलवार, 18 नवंबर 2014

सार्क

दक्षिण एशिया ते आठ देशों भारत पाकि
स्तान बांग्लादेश श्रीलंका नेपाल मालदीव
भूटान और अफगानिस्तान का आर्थिक
एवं राजनीतिक संगठन है |
संगठन के सदस्य देशों की जनसंख्या
लगभग १.५ अरब है | इसकी स्थापना
८दिसम्वर१९८५ को ढाका में हुइ थी |
अप्रैल २००७ में सार्क के १४वे सम्मेलन
मे अफगानिस्तान इसका आठवॉ सदस्य
बना | आस्ट्रेलिया  और अमेरिका समेत
इसके कई पर्यवेक्षक देश हैं | सार्क का
मुख्यालय नेपाल में है |  क्रय शक्ति के
संदर्भ में अमेरिका और चीन के बाद
सार्क देशों का तीसरा स्थान है |

शनिवार, 19 जुलाई 2014

उत्तर प्रदेश में 52914 ग्राम पंचायत

८२१क्षेत्र पंचायत एवं ७५ जिला पंचायते हैं एवं
५२९१४ ग्राम पंचायतें हैं | जिसमें ११७०००
कर्मचारी काम करते हैं |

उप्र में ३०५ तहसीलें हैं |

बुधवार, 7 दिसंबर 2011

NATO

नाटो क्या है ;- नार्थ एत्लान्तिक ट्रीटी आर्गनाइजेशन का संछिप्त रूप नाटो एक अंतरसरकारी सैन्य गठबंधन है/ इसका गठन नार्थ अतलांतिक समझौते के तहत 4 अप्रैल 1949 को हुआ था / इसका मुख्यालय ब्रुसेल्स में है / शुरूआती वर्षों में यह सिर्फ राजनितिक संगठन था पर बाद में सैन्य कारवाईयों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाने लगा / नाटो के गठन की रुपरेखा 17 मार्च 1948 को ब्रुसेल्स में बेल्जियम ,नीदरलैंड ,लक्जमबर्ग ,फ़्रांस ,और ब्रिटेन के बीच तैयार हुआ / सभी देश इस बात पर सहमत हुए कि युरोप या उत्तरी अमेरिका के किसी भी सदस्य देश पर यदि  हमला होता है ,तो उसे पुरे संगठन पर हमला माना जायेगा और पूरा संगठन  मिल कर उसका विरोध करेगा / नाटो ने अपने सगठन में अब तक सात बार विस्तार किया है /इस समय नाटो के सदस्य देशों की संख्या 28 है ,जिसमे अल्बानियाँ,कनाडा,डेनमार्क,जर्मनी,यूनान ,हंगरी ,पोलैंड,पुर्तगाल,नार्वे,स्पेन,तुर्की,ब्रिटेन,अमेरिका,जैसे देश शामिल है / नाटो अपने सभी 28 देशो की सामूहिक जिम्मेदारी से नियंत्रित होता है / इसकी पूरी संरचना तीन भागों में बटी है -नाटो परिषद,नाटो संसदीय सभा और सैन्य संरचना / नाटो परिषद में देशों के प्रतिनिधि होते हैं ,नाटो संसदीय सभा रणनीति बनाती हैं और देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मिल कर सैन्य संरचना बनाते हैं यह इकाई नाटो सैनिकों को दिशानिर्देश देती है /  जनार्दन त्रिपाठी मोबाईल नम्बर 09005030949 .